Sunday, April 12, 2020

"नेता हो तो मोदी जैसा#

नेता हो तो मोदी जैसा#21दिन21ब्लॉग्स#
मेरी 4 साल की बेटी बड़े प्यार से मुझ से पूछी -माँ, हम पार्क में क्यों नहीं जा रहे। पापा भी ऑफ़िस नही जा रहे ,आप मुझे स्कूल भी नही भेजते । ऐसा क्या हो गया है माँ।मैं उसके मासूम सवाल और प्यारे से चेहरे को देख रही थी,जिसपर थोड़ा गुस्सा और थोड़ा आश्चर्य के भाव थे।

मैंने उसे गले से लगा के बोला-बेटा, बाहर एक गंदा वायरस घूम रहा जिसका नाम कोरोना है । वो जो बाहर घूम रहे हैं ,उनको बीमार कर रहा है इसलिए हम घर मे है और बेटा उसे भागने के लिए हमें अपने हाथों को बार -बार धोना पड़ेगा और साफ रहना पड़ेगा। वो बोली -ऐसा है क्या माँ। मैं बोली -हाँ बेटा।

मेरी बातें सुन बेटी पापा के पास जा के बैठी ही थीं कि मोदी जी Tv पर आ गए उनकी बातें वो बहुत ध्यान से सुन रही थी फिर वो मेरे पास आ के बताई माँ ,22 संडे को कर्फ्यू है और मोदी जी ने कहा है हमे डॉ ,सफाई और पुलिस अंकल लोग को 5 बजे ताली या थाली बजा के थैंक यूँ बोलना है। माँ,हम करेंगे ना ऐसा । माँ, क्या उनको वायरस नही बीमार करेगा। उसके इस सवाल से सच में डॉ, पुलिस और सफाईकर्मियों के लिए इज्जत से सर झुक गए मेरे।

मैंने उसे बोला-बेटा, हम ठीक रहे इसलिए वो बाहर है बच्चे ,ताकि वायरस हमें बीमार ना कर पाए। वो बोली -ok म्मा, वो कितने ग्रेट है ना। मैं बोली-हाँ।

मेरी बिट्टो मोदी जी की बातें ध्यान से सुनती जब भी वो TV पर आते और वैसा ही करने को कहती। मैं किसी दिन lockdown से परेशान हो कर कुछ कहती तो वो बोलती -माँ इससे ही हम corona से जीत सकते है ऐसा मोदी जी बोलते हैं।

मुझे नही पता वो मोदीजी की कैसे इतनी बड़ी फैन हो गई है। लेकिन सच ही तो है नेता हो तो ऐसा ,जो एक छोटी सी बच्ची के दिमाग मे भी बातें इतने सरल शब्दों में डाल सकता है।हम कोरोना से लड़ाई में एक -दूसरे के साथ है पर दूर से ही !और हम होंगे कामयाब।

Morning Mistakes: सुबह की इन गलतियों से बढ़ सकता है Weight, पाचन और स्किन पर भी पड़ता है बुरा असर!

Weight Loss: वजन कम करने के लिए कैलोरी बर्न (Burn Calories) करने की जरूरत होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं सुबह का नाश्ता (Morning Breakfast) भी आपके मोटापे  का कारण (Causes Of Obesity) बन सकता है. हम जितनी ज्यादा कैलोरी खर्च करते हैं उतनी तेजी से हमारा वजन घटता (Weight Loss) है.

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Weight Loss: वजन कम करने के लिए कैलोरी बर्न (Burn Calories) करने की जरूरत होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं सुबह का नाश्ता (Morning Breakfast) भी आपके मोटापे  का कारण (Causes Of Obesity) बन सकता है. हम जितनी ज्यादा कैलोरी खर्च करते हैं उतनी तेजी से हमारा वजन घटता (Weight Loss) है. वजन घटाने वाले आहार (Weight Loss Diet) को लेते समय हमें कई सारे पोषक तत्वों का ध्यान रखना होता है. हेल्दी नाश्ता (Healthy Breakfast) खाने की सलाह तो हर कोई देता है लेकिन सुबह नास्ता खाने के दौरान आपकी कुछ गलतियां (Mistakes) आपका मोटापा (Obesity) बढ़ा सकती हैं. इन दिनों ज्यादातर लोग अपने बढ़ते वजन यानी मोटापा की वजह परेशान हैं. लोग वजन कम करना तो चाहते हैं लेकिन उनका मोटापा कम नहीं होता. क्या आपको पता है कि आपका मोटापा आपकी छोटी-छोटी गलतियों के कारण ही बढ़ रहा है. 



आज कल की भागदौड़ वाली जिंदगी में लोगों का खान-पान सही से नहीं होता. इसके अलावा भी कई कारण हैं जो आपका मोटापा बढ़ा सकते हैं. अगर आप भी जानना चाहते हैं सुबह की वह गलतियां तो यहां हम रहे हैं कुछ गलतियों के बारे में जिनसे बचकर आप आसानी से वजन घटा सकते हैं...


1. कम पानी पीना

कम पानी पीने की वजह से बॉडी डिहाइड्रेट हो जाती है, जिसकी वजह से पाचन क्रिया पर असर पड़ सकता है. और फैट को बर्न करने में परेशानी होती है. साथ ही पानी की जगह पैकेट वाला जूस पीने से भी फैट और शुगर की मात्रा शरीर में तेजी से बढ़ती है, जिसके कारण मोटापा कम नहीं होता. सुबह की ये गलती आपको भारी पड़ सकती है.

drinking water

2. नाश्ता न करना 

आपको डॉक्टर के साथ डाइटीशियन भी सुबह का नाश्ता जरूर करने की सलाह देंगे. ज्यादातर लोग भागदौड़ में सुबह का ब्रेकफस्ट छोड़ देते हैं. सुबह नाश्ता न करने से बॉडी का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और वजन कम नहीं होता. 



3. गलत खान-पान

ज्यादातर लोग मोटापा कम करने के लिए दूसरे तरीके तो अपनाते हैं लेकिन चावल, आलू, शक्कर इस तरह की चीजों को खाना नहीं छोड़ते, जिससे शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ती चली जाती है. अगर आपकी डायट में ज्यादा कैलोरी वाली चीजें रहेंगी तो आपको वजन कम करने में दिक्कत होगी.


4. एक्सरसाइज ना करना

एक्सरसाइज आपके सभी रोगों की काट हो सकती है. अगर आपका वजन लगातार बढ़ रहा है या किसी मानसिक बीमारी के शिकार है तो आपको सुबह एक्सरसाइज से काफी फायदा हो सकता है. अगर आप अपनी दिनचर्या में व्यायाम को शामिल नहीं करते हैं तो आप धीरे-धीरे शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ हो सकते हैं. आपको सुबह रनिंग, जॉगिंग या साइकलिक करनी चाहिए
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Saturday, April 11, 2020

सबसे अच्छा गिफ्ट जो आप बच्चे को दे सकते है

सबसे अच्छा गिफ्ट जो आप बच्चे को दे सकते है
माँ बनने के साथ ही हमारी पूरी दुनिया अपने बच्चो के आस-पास घुमने लगती है . उनके सोने-जागने, उठने-बैठने, खाने-पीने की आदतों के हिसाब से हम अपने आपको बदलते चले जाते है और उनकी हर जरुरत को पूरा करने की कोशिश के बीच हमारी खुद की इच्छाए, जरूरते और शौक न जाने कहाँ गायब हो जाते है.हमारी परिभाषा में भी एक अच्छी माँ वो है जो अपने आपको भूल कर बच्चे को ही सब कुछ समझे, ऐसे में अपने खुद के लिए सोचना हमें ठीक नहीं लगता. लेकिन क्या आप ये जानते है कि अपने बच्चे को एक ऐसा सफल व्यक्ति बनाने के लिए जो सुख-दुःख दोनों स्थितियों का सामना ठीक से कर पाए ये जरुरी है कि हम अपनी भी उतनी ही देखभाल और परवाह करे जितनी कि हम अपने बच्चे की करते है. और ऐसा करना हमारा 'स्वार्थी' बनना नहीं बल्कि एक अच्छी पेरेंटिंग का एक महत्पूर्ण कदम है और अपने बच्चो के लिए हमारा सबसे अच्छा गिफ्ट.
क्यों ? इसके पीछे महत्पूर्ण कारण है :

पहला तो ये कि हमारे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होने का सीधा सम्बन्ध हमारे बच्चों की सही देखभाल से है. अपने अनगिनत कामों को पूरा करने की जल्दबाजी में हममे से ज्यादातर लोग समय से खाना नहीं खाते, ब्रेकफास्ट छोड़ देते है या जैसे तैसे जल्दी खाना खा कर ख़तम करते है. इसी तरह ठीक से तैयार होने,आराम करने,अपनी पसंद का काम करने आदि को भी हम टाइम वेस्ट करने जैसा मान लेते है, नतीजा.........शारीरिक और मानसिक रूप से हुयी थकान के कारण चिडचिडापन, गुस्सा, काम में मन ना लगना, अजीब सा खालीपन लगना जैसे कई लक्षण दिखाई देने लगते है जिसका सीधा प्रभाव बच्चों पर पड़ता है. हमारे खाने-पीने, व्यायाम, आराम आदि के लिए निकाले गए समय से हमें अपने काम को बेहतर ढंग से करने के लिए एनर्जी मिलती है. जब हम अपने इंटरेस्ट को, अपनी हॉबी को महत्त्व देते है तब हम अपनी रोजमर्रा की परेशानियो और चिन्ताओ से ऊपर उठकर उस काम में ख़ुशी महसूस करते है. इस तरह आपकी थकान, भूख-प्यास-थकान के कारण होने वाली चिडचिडाहट और रोजमर्रा के कामों में अपने लिए कुछ ना कर पाने के फ्रसटेशन को हम पहले ही डील कर लेते है और ये नेगेटिव इमोशन बच्चे तक नहीं पहुँच पाते, साथ ही हमारे पास इतनी एनर्जी होती है कि हम बच्चो की एक्टिविटी में पूरी तरह सक्रिय होकर भाग ले पाए. बच्चे भी इस स्थिति में ज्यादा सिक्योर और कॉनफिडेंट फील करते है.

दूसरा कारण ये कि हमारी जिन्दगी के उतार-चढावो से, हर दिन आने वाली समस्याओ से हम दुखी और निराश होते है. ये नकारात्मक भावनाए यदि ज्यादा समय तक हमारे साथ रहती है तो हम स्वाभाविक रूप से अपने प्रति ज्यादा लापरवाह हो जाते है और इस कारण फिर हम और ज्यादा निराशा में आ जाते है. इस चक्र को तोड़ने के लिए जरुरी है कि हम अपनी दिनचर्या में, अपने पहनावे में कुछ अंतराल में बदलाव लाये ताकि उस बदलाव से जो नयापन आएगा, जो ख़ुशी मिलेगी उससे निराशा को दूर करने में मदद मिलेगी. आप खुद ही सोचिये चाहे जो भी परिस्थिति हो हमारे अलग-अलग त्योहारों के आते ही नए कपडे पहनने, तैयार होने, घर सजाने से लेकर रिवाजो और मान्यताओ को पूरा करते समय अचानक हमारे जीवन में कितना उत्साह और सकारात्मकता आ जाती है और शायद इन सबके पीछे ये ही एक महत्पूर्ण उद्देश्य है.
सबसे महत्पूर्ण कारण ये कि हम बच्चो के लिए रोल-मॉडल होते है और हमारी हर एक एक्टिविटी को बच्चे बारीकी से देखते है और जाने-अनजाने कई चीज़े आत्मसात कर लेते है . जब हम अपने आने वाले कल को बेहतर बनाने के लिए मेहनत करते है पर साथ ही अपने आज को भी अच्छे से जीते है तो हम बच्चो को महसूस करवा पाते है कि जिन्दगी कोई डेस्टिनेशन नहीं है जहाँ भाग-दौड़कर हमें पहुंचना है या कोई सजा नहीं है जिसे जैसे-तैसे काटना है बल्कि ये एक खुबसूरत यात्रा है जिसके हर एक दिन को महत्पूर्ण मानकर उसका आनंद उठाना है. जब हम अपनी प्रॉब्लम को ठीक से देखते है, उसके लिए दुसरो से सलाह लेते है या समाधान के लिए सही तरीके चुनते है तो हम बच्चों को बताते है कि समस्याओ का आना स्वाभाविक है, उनसे भागने की बजाय दूसरो से मागदर्शन लेना या समाधान के सही तरीके ढूँढना जरुरी है. जब हम एक बैलेंसड लाइफ जीते है तो बच्चो को भी ऐसी ही जिन्दगी जीने के लिए प्रेरित करते है.
अपने बच्चों से पूछकर देखिये वो भी अपने पेरेंट्स को हमेशा सजा-सँवारा, खुश और उर्जा से भरपूर देखना चाहते है. इसलिए अपने आप पर ध्यान दीजिये.... अपनी खाने-पीने, पहने-ओढने, आराम-व्यायाम, पसंदीदा काम आदि के लिए समय निकाले. और अपने आज और कल को बेहतर बनाने के लिए कदम बढ़ाये.


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डिस्क्लेमर: इस पोस्ट में व्यक्त की गई राय लेखक के व्यक्तिगत विचार है जरूरी नहीं कि वे विचार या राय Dispatch My Word's के विचारों को प्रतिबिंबित करते हो कोई भी चूक या त्रुटियां लेखक की है और उसके लिए Dispatch My Word's कि कोई दायित्व या जिम्मेदारी नहीं है



औरतें कभी समय पर तैयार नहीं होतीं

औरतें कभी समय पर तैयार नहीं होतीं
गाड़ी अपनी गति से चल रही थी और मधु का मन अपनी गति से| अरविंद लगातार किसी ज्ञानी महात्मा की तरह मधु को प्रवचन दे रहा था| दरअसल आज अरविंद को परिवार सहित कजिन की सगाई में शहर से बाहर जाना था| रात तय हुआ था कि सुबह 9 बजे तक निकल जाएंगे ताकि 11 बजे तक समारोह में शामिल हो सके| अरविंद का अपनी कजिन के प्रति लगाव मधु से भी छिपा नहीं था, पर यह क्या 10 तो गाड़ी की घड़ी में ही बज गए थे| अभी 2 घंटे और लगते समारोह स्थल तक पहुंचने में|
अरविंद का गुस्सा सातवें आसमान पर था! वह इन सब के लिए सिर्फ मधु को दोषी ठहरा रहा था|
"कितना समय लगाती हो तुम तैयार होने में?? ना जाने तुम औरतों को इतना समय क्यों लगता है घर से निकलने में? हम मर्दों को देख लो, शर्ट पहनी, पैंट पहनी, बाल बनाए और तैयार हो गए| और तुम लोग 2 घंटे तक शीशे के आगे सजने सवरने में लगी रहती हो और उसके बाद भी मामूली ही दिखती हो|तुम्हारे कारण ही हर बार देर हो जाती है| टाइम मैनेजमेंट नाम की कोई चीज नहीं है!आगे से मैं अकेला ही जाऊंगा|"
बच्चों के सामने अरविंद का यह रवैया मधु को पसंद नहीं आ रहा था| वह कुछ बोलती तो बात और बिगड़ जाती इसलिए वो चुप ही रही| छोटा बेटा पापा की तेज आवाज सुनकर मां की गोदी में जा सिमटा और बड़े बेटे के बोल 'लेडीज़ कभी टाइम पर रेडी हुई है आजतक? जस्ट चिल डैडी' ने आग में घी का काम किया|
मधु ने एक तीखी नज़र उस पर डाली तो वो इस चर्चा से खुद को अलग कर मोबाइल में गेम खेलने लग गया|
बोल बोल कर अब अरविंदर शांत हो गया था|
उसका पूरा ध्यान जल्दी से जल्दी समारोह स्थल में पहुंचने पर था!
मधु बहुत अशांत हो गई थी उसका दिल भर आया और आंखें भी!
क्यों उसे हर बार यही सुनना पड़ता है कि तुम्हारे कारण मुझे देर हो गई??
तुम इतना समय लगाती हो घर से निकलने में|
मधु अब सोच में डूब गई और सुबह से अब तक की अपनी दिनचर्या पर गौर करने लगी| उन वजहों का पता लगाने लगी जिस कारण उसे देर हुई क्योंकि वह तो सुबह 6:00 बजे ही उठ गई थी!|
उठते ही अपने दोनों के लिए चाय बनाई और बच्चों के लिए दूध बनाया!
अरविंद चाय पीने के बाद अखबार पढ़कर फ्रेश होने चले गए! जबकि उसने फटाफट झाड़ू उठाई और पूरे घर में झाड़ू लगाई क्योंकि बाई को आज उसने छुट्टी दे दी थी! उसके बाद सीधा नहाने चली गई बच्चे अभी भी बिस्तर में लेटे हुए थे! फटाफट बच्चों को उठाया| बच्चों और अरविंद के कपड़े निकालें| अरविंद भूखे पेट घर से नहीं निकलते थे| उनके लिए हल्का-फुल्का स्नेक्स की तैयारी करने लगी!
फिर बच्चों को नहलाया उनको कपड़े पहनाए|
बाथरूम में वाइपर लगाया ताकि बाथरूम में सीलन ना आ जाए!
टॉवल और बाकी गीले कपड़ों को धूप में सुखाया|
बच्चों के लिए रास्ते के लिए थोड़ा सामान पैक किया! सफर में कहीं ज्यादा समय लग गया तो दोनों को भूख लग आती है|
इन सब से फारिक हो कर तैयार होने लगी!
पति और दोनों बच्चों तैयार हो चुके थे!
घड़ी में देखा तो 9 कब के बज चुके थे|
उसने फटाफट साड़ी पहनी| मेकअप किट ब्यूटी प्रोडक्ट्स से भरा पड़ा था पर उसने लिपस्टिक बिंदी और काजल को ही किट से बाहर निकाला|
कितना सामान लाई थी वह तैयार होने के लिए|
पर समय की किल्लत के चलते| वो बस लिपस्टिक बिंदी लगाकर ही खुद को संँवार पाई|
अरविंद की चीखने की आवाज शुरू हो गई थी!
कितने समय से आईने के आगे खुद को निहारे जा रही हो?
कल रात ही मैंने बोल दिया था 9:00 बजे निकलना है??
फिर भी तुम्हारा सजना सवरना खत्म नहीं होता?
तुम औरतें कभी घर से समय से निकाल ही नहीं सकती!
मैं गाड़ी में जा रहा हूं बच्चों को लेकर| सजना सवरना खत्म हो गया हो तो आ जाना!
पैर पटकता वह घर से बाहर निकल गया|
मधु घबराती हुई गाड़ी में जा बैठी|
अरविंद का गुस्सा अभी भी सातवें आसमान पर था|
रास्ते में मिले ट्रैफिक ने अरविंद का मूड और माहौल दोनो और खराब कर दीए| दोनो के बीच रास्ते भर कोई बातचीत नही हुई| मधु अपनी ही सोच में मग्न थी| अरविंद ने गाड़ी समारोह स्थल पर लगा दी और पैर पटकते होए अंदर चला गया| मधु भी बच्चों को लिए चुपचाप उसका अनुसरण करती गई|
1 महीने बाद फिर अरविंद को अपनी कजिन की शादी के बाकी फंक्शन में जाना था| अरविंद बीती बाते भुल चुका था| पर शायद मधु नही| | कल सुबह 9 बजे हम निकलेंगे| 3 घंटेे लगेंगे हमें पहुंचने में| किसी कंपनी के बॉस की तरह कर्मियों को जरूरी निर्देश देकर अरविंद सोने चला गया|
मधु फिर वोही 6 बजे उठ गईं| उसने अपनी और अरविंद की चाय बनायी बच्चों को उठाकर दूध दिया|
पति और बच्चों ने अभी भी बिस्तर नही छोड़ा था क्योंकि उन्हें पता था उन लोगों को तैयार होने में आधा घंटा ही लगेगा|
मधु नहाने चली गई| नहाते ही किचन की बजाए तैयार होने लगी|
मम्मी आप रेडी हो गयी हमें कौन तैयार करेगा??बड़े बेटे ने कहा|
पापा करेंगे| मैं क्यों??| अरविंद ने मधु को बीच में टोका|
मुझे ज्यादा समय लगता है ना हमेशा, तो सोचा आज मैं समय से तैयार हो जाऊं|
अरविंद आप बच्चों को तैयार करके खुद तैयार हों जाना और हां बाथरूम में वाइपर जरुर कर देना|| सबके गीले टॉवेल बालकनी में सुखा देना| छोटे के लिए रास्ते में खाने के लिए कुछ समान रख लेना| अपने लिए ब्रेड बटर लगा लेना| और जब नीचें आओ तो पूरा घर चैक करके लाइटस ऑफ करके घर अच्छे से लॉक करके आना| मधु ने एक लंबी सांस छोड़ते होए सारे निर्देश अरविंद को दे दिये| और खुद सज संवर कर बैग उठाकर नीचे चली गई| अरविंद को एकाएक कुछ समझ नही आया आज मधु को हुआ क्या है| ?? ये अरविंद की आत्मा आज मधु में से आ गई| वो सकपका सा मधु को जाता देखता रहा| वो उसके निर्देशो को पूरा करने में लग गया| हालांकि ये सब उसके लिए कोई निर्देश नही थे| ये तो वो काम थे जो कही जाने पर मधु ही करती आई है| पर आज अरविंद को करने पड़ रहे है| वो फटाफट काम खत्म करने में जुट गया| अभी तो उसका नाश्ता बाकी था| रास्ते में ही खा लूँगा कुछ| अरविंद ने सोचा और फटाफट घर बंद कर गाड़ी की और रवाना हुआ| मधु पहले ही गाड़ी में बैठी हुई थी| थोड़ी डरी थी| पहली बार इतनी हिम्मत जो उसने की थी| पर चेहरे के भाव नही बदले| आज अरविंद के गुस्से का शिकार वो नही बनेगी|
अरविंद चुपचाप गाड़ी में आकर बैठ गया| एक नज़र मधु को देखा| उसका सारा गुस्सा काफ़ूर|| कितनी सुंदर जो लग रही थी वो| किसी नवेली दुल्हन जैसी एक दम तैयार| आत्ममुग्ध सा वो मधु को निहारता रहा| पर शब्दों की न्यूनता ही रही|
गाड़ी में लगी घड़ी की सुई ने 10 बजा दिये थे| अरविंद सकपकता हुआ घड़ी को देख रहा था| मधु ने अरविन्द को देखकर व्यंग्यात्मक हँसी हसी| सगाई में जाने में देर होने का सारा इन्ज़ाम उसने मधु को दिया था आज खुद के कारण देरी हो गई तो एक दम शांत हो गया|| अरविंद झेप सा गया|
अरविंद अचानक मधु के स्वभाव में आये बदलाव का कारण अच्छे से जान गया था| पर मधु के सामने सामान्य ही रहा|
पर बच्चें तो बच्चें ही ठहरे आते ही मम्मी के सामने अपनी शिकायतों की पोटली खोल दी|
ऐसा कोई करता है मम्मी? पापा को कितना काम हो गया था|| वो तो ढंग से नहलाना भी नही आता| देखो कितना तेल लगा दिया सर में| अब सब मेरी हँसी उड़ायेंगे| छोटा वाला भी तुरंत रो कर अपनी नाराजगी जताने लगा|
मधु ने अब चुप्पी तोडी| जिसका इंतज़ार शायद अरविंद को भी था आखिर वो मधु के मुँह से सब सुनना चाहता था| बोली बेटा मेरी क्या गलती??याद है तुझे निशा बुआ की सगाई में क्या बोल था तूने 'लेडिज कभी टाइम पर तैयार होती है|
बेटा लेडीज़ टाइम पर तुम लोगो के कामो के चक्कर में रेडी नही हो पाती| हमेशा सबसे पहले उठती हूँ मैं, फिर भी अपने लिए बमुश्किल आधा घंटा निकाल पाती हूँ| बाकी तो तुम लोगों का काम ही खत्म नही होता| फ़िर भी मुझे इतनी नाराज़गी सहनी पड़ी है| तो सोचा आज तुमको भी ये एहसास करवाया जाए क्यों हम औरते समय से घर से नही निकाल पाती| गाड़ी में एक दम सन्नाटा हो गया| पर मानो मधु का दिल हल्का हो गया हो| सॉरी मम्मी आप सही कह रही हो| आपको आपके कारण नही हमारे कारण लेट होता है| अरविंद जो कब से चुप बैठा था| एकाएक मधु का हाथ पकड़कर बोला| आज आधे घंटे में मुझे तुमने दादी नानी याद दिलवा दी|
गलती मेरी भी है, गुस्सा करने की जगह तुम्हरा साथ देता तो कहीं भी समय से पहुँच सकते हैं हम|
मधु ने प्यार भरी नज़रो से अरविंद को देखा और अपने बैग में से टिफिन निकल कर अरविंद को दे दिया|
"इसमें क्या है?"
"मुझे पता है तुम कुछ खाकर नही आये होगे, तुम लोगों के उठने से पहले ही मेने ये स्नैक्स तैयार कर लिए थे"|
"क्या कहने तुम्हारे? अरविंद आगे कुछ बोलता इससे पहले मधु ने उसके मुंह में स्नैक्स भर दिया|






डिस्क्लेमर: इस पोस्ट में व्यक्त की गई राय लेखक के व्यक्तिगत विचार है जरूरी नहीं कि वे विचार या राय Dispatch My Word's के विचारों को प्रतिबिंबित करते हो कोई भी चूक या त्रुटियां लेखक की है और उसके लिए Dispatch My Word's कि कोई दायित्व या जिम्मेदारी नहीं है

घर के काम तो लड़कों को भी आने चाहिए


घर के काम तो लड़कों को भी आने चाहिए #21दिन21ब्लॉग

"मम्मी! आज इंटरनेट की स्पीड स्लो हो गई है, आप पापा को बोलो ना रिचार्ज कर दें। वरना मैं स्कूल के द्वारा आयोजित ऑनलाइन क्लासेज़ में सम्मिलित नहीं हो पाऊंगी।"

"हां मम्मी मेरी भी ऑनलाइन क्लासेज शुरू होने वाली हैं। इसलिए पापा से बोलकर आप जल्दी से इंटरनेट रिचार्ज करा दो"।
"हां बाबा हां, अभी बोलती हूं तुम्हारे पापा को।" अनुराधा ने अपने दोनों बच्चों को आश्वस्त करते हुए कहा।
अनुराधा की बेटी अक्षरा जो कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा है और बेटा नमन आठवीं कक्षा में पढ़ता है। जब से लॉकडाउन शुरू हुआ है तब से अनुराधा के दोनों बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई जिससे कि बच्चों की पढ़ाई में देर ना हो।
अनुराधा अभी बच्चों के कमरे से निकली ही थी कि उसकी सास शोभा अपने कमरे से अनुराधा को आवाज़ ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌लगा रही थी।
"क्या हुआ मां जी? आपको कुछ चाहिए"!
"हां बहू वो मेरा चश्मा नहीं मिल रहा है । जरा ढूंढ दो, कहां रखा है।"
हां मां जी मैं देखती हूं ‌। कहकर अनुराधा शोभा जी का चश्मा ढूंढने लगी। शोभा जी के कमरे में चश्मा नहीं मिला तो अनुराधा बाहर आकर चश्मा ढूंढने लगी ।
शोभा जी का चश्मा ड्राइंगरुम में टीवी वाले टेबल पर रखा हुआ मिला। अनुराधा ने चश्मा ले जाकर अपनी सास को दे दिया और ख़ुद रसोई में जाकर सबके लिए नाश्ता बनाने लगी। "पति को बोल उसने इंटरनेट रिचार्ज करा दिया था ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई समस्या उत्पन्न ना हो। बच्चे अपनी अपनी क्लासेज खत्म कर ड्राइंगरुम में आकर टीवी देख रहे थे। कुछ देर में अनुराधा के पति तरूण और सास भी बच्चों के साथ बैठकर टीवी देखने लगे। सबको एक साथ इत्मीनान से बैठा देख अनुराधा को बहुत अच्छा लग रहा था। उनको एक साथ समय बीताता देख अनुराधा सोचने लगी कि "इस लॉकडाउन में एक तो अच्छी बात हुई की पति और बच्चे एक साथ बैठकर टीवी देख रहे हैं"।
सास शोभा जी ने जब से सुना है कि टीवी पर "रामायण और महाभारत फिर से दिखाया जा रहा है तब से वो उसी समय पर आकर टीवी के सामने बैठ जाती थी"। उनका मन रखने के लिए बेटे और पोते, पोती भी उनका साथ दे रहे थे। अनुराधा भी खुश थी कि चलो इसी बहाने बच्चे भी पौराणिक कथाओं के बारे में जान जाएंगे। वरना आज-कल के बच्चों में तो पौराणिक कथाओं को जानने समझने में कोई दिलचस्पी ही नहीं है।
खाने का समय हो गया था अनुराधा ने सबको आवाज़ लगाई, फिर सब लोग बैठ कर साथ में खाना खाने लगे। शोभा जी ने बहू से कहा...बहू इस लॉकडाउन में कामवाली बाई भी नहीं आ रही है जिसके कारण तुम्हारा घर का काम बहुत बढ़ गया है । क्यों नहीं तुम कल से घर के कामों में अक्षरा की मदद ले लेती, "तुम्हें मदद भी मिल जाएगी और इसी बहाने अक्षरा भी घर के काम सीख जाएगी"।
हां मां जी आप सही बोल रही हैं, मैं कल से अक्षरा और नमन दोनों से घर के कामों में हाथ बंटाने के लिए कहूंगी। अनुराधा की बात सुनकर खाना खाता हुआ नमन रूक गया और पूछा... मम्मी मैं क्यों?? ये सब काम लड़कियां करती है मैं नहीं करूंगा कुछ भी। "हां बहू नमन को क्या जरूरत है घर के काम सीखने की", तुम अक्षरा को सिखा दो वरना ससुराल जाएगी तो उसकी सास ताने देगी कि मां ने बेटी को कुछ सीखाया नहीं।
मां जी अब ऐसा नहीं है कि केवल लड़कियों को ही घर के सारे काम आने चाहिए। "आज-कल लड़के को भी घर का काम आना बहुत जरूरी है"। भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर उन्हें किसी का मोहताज ना होना पड़े।
"मां जी आपने मुझे बहुत अच्छा सुझाव दिया है, मैं कल से ही अपने दोनों बच्चों से घर के काम में मदद लेना शुरू करती हूं, मुझे मदद भी मिल जाएगी और इसी बहाने बच्चे घर का काम भी सीख लेंगे।"
"जैसी तेरी मर्जी बहू, जो मन में आए कर"।
अनुराधा ख़ुश हो रही थी कि इस लॉकडाउन के बहाने बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ और भी बहुत कुछ नया सीखेंगे।
दोस्तों, उम्मीद है आपको मेरी कहानी पसंद आएगी। मेरी और भी कहानियां पढ़ने के लिए आप मुझे अवश्य फॉलो करें|




डिस्क्लेमर: इस पोस्ट में व्यक्त की गई राय लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। जरूरी नहीं कि वे विचार या राय Dispatch My Word's के विचारों को प्रतिबिंबित करते हों .कोई भी चूक या त्रुटियां लेखक की हैं और Dispatch My Word's की उसके लिए कोई दायित्व या जिम्मेदारी नहीं है ।

सिगरेट पीने वालों के फेफड़ों की मरम्‍मत करते हैं सेब और टमाटर

फेफड़ों को हुए नुकसान की भरपाई करनी है तो सेब और टमाटर खाने चाह‍िए.

tomatoes and apples repairs lungs
एक रिसर्च से पता चलता है कि जो लोग सिगरेट छोड़ देते हैं और टमाटर और फल ज्यादा खाने लगते हैं, उनमें 10 साल में फेफड़ों की कार्यप्रणाली में गिरावट कम होती है.

tomatoes

कमजोर फेफड़ों के चलते व्यक्ति की मौत की आशंका बढ़ जाती है, जो कि क्रोनिक ऑबस्ट्रक्टिव पलमोनरी डिजिज (सीओपीडी), दिल की बीमारियों और फेफड़ों के कैंसर के कारण होती है.

lung cancer awareness month 2017

प्रमुख शोधार्थी जॉन हापकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की असिस्टेंट प्रोफेसर वानेशा गारेसिया-लार्सन ने बताया, 'इस रिसर्च से पता चलता है कि इस तरह का खाना उन लोगों में फेफड़ों के नुकसानकी मरम्मत में मदद कर सकता है जिन्होंने सिगरेट पीना छोड़ दिया है.'

apples offer a number of health benefits

इससे यह भी पता चलता है कि फलों को खाने में शामिल करने से फेफड़ों की प्राकृतिक बुढ़ापे की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है भले ही आप कभी सिगरेट न पीते हों या सिगरेट पीना करना छोड़ चुके हों.


Ginger-Garlic Tea: इम्यूनिटी बढ़ाने और Weight Loss के लिए कमाल है अदरक और लहसुन की चाय, जानें कैसे करें तैयार!

Weight Loss Tips: अदरक और लहसुन दोनों ही अपने आप में बहुत ही गुणकारी जड़ी-बूटियां हैं; साथ में
 अदरक और लहसुन की चाय (Ginger And Garlic Tea) के रूप में दोनों जादू बुन सकते हैं. आयुर्वेद में
 अदरक के औषधीय गुण काफी लोकप्रिय हैं
Ginger-Garlic Tea: इम्यूनिटी बढ़ाने और Weight Loss के लिए कमाल है अदरक और लहसुन की चाय, जानें कैसे करें तैयार!
Ginger Garlic Tea: हम देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) का पालन कर रहे हैं और यह शायद कई सालों में पहली बार है कि जब पूरी दुनिया स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही है. जैसा कि आप जानते हैं कि नोवल कोरोनावायरस (Novel Coronavirus) से दुनिया भर में लाखों लोग संक्रमित हैं और बिगड़ते हालात ने कई देशों को लॉकडाउन की घोषणा करने के लिए मजबूर किया है. ज्यादा से ज्यादा लोग हेल्दी खाने और बेहतर स्वच्छता पर ध्यान दे रहे हैं. इम्यूनिटी (Immunity) को शरीर में कई तरह की बीमारियों से लड़ने में मददगार माना जाता है. हमारी इम्यूनिटी को अक्सर हीलिंग जड़ी बूटियों और मसालों के साथ देखा जाता है जो हमारी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए चमत्कार कर सकते हैं. उदाहरण के लिए अदरक और लहसुन (Ginger And Garlic) लें; आयुर्वेद में अदरक के औषधीय गुण काफी लोकप्रिय हैं; यह अपच (Indigestion), मतली और सूजन के लिए एक पारंपरिक उपचार के रूप में माना जाता है. 
दूसरी ओर, लहसुन अपने एंटी इंफ्लेमेट्री (Anti-Inflammatory) और एंटीवायरल (Antiviral) गुणों के लिए प्रसिद्ध है. वे दोनों अपने आप में बहुत शक्तिशाली जड़ी बूटी हैं; एक साथ वे जादू बुन सकते हैं, खासकर जब इम्यूनिटी और वजन-मैनेजमेंट की बात आती है. अदरक लहसुन की चाय वजन घटाने (Weight Loss), इम्यूनिटी बढ़ाने (Boost Immunity) के लिए एक शानदार विचार हो सकता है.

हर्बल चाय (Herbal Tea) अक्सर ठंड, बहती नाक और गले में खराश (Sore Throat) के कारण होने वाली परेशानी को कम करने में काफी प्रभावी हो सकती है. आप हर्बल चाय पोजाना पी सकते हैं, लेकिन अगर इस तरह के लक्षण लगातार दिख रहे हैं, तो डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श करना सबसे अच्छा है. अदरक और लहसुन (Ginger-Garlic) दोनों की अच्छाई का आनंद लेने के लिए इनकी चाय पीना शायद सबसे अच्छे विचारों में से एक है:
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इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अदरक-लहसुन की चाय | Ginger-Garlic Tea To Increase Immunity

  • डीके पब्लिशिंग हाउस की किताब 'हीलिंग फूड्स' के अनुसार, अदरक के "वाष्पशील तेलों में NSAIDs (गैर-स्टेरायडल एंटी इंफ्लेमेट्री दवाएं) के समान एंटी इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं, जो इसे फ्लू (Flu), सिरदर्द और मासिक धर्म में दर्द (Menstrual Pains) के लिए एक बेहतर उपाय बनाता है. यह पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) में भी दवा का काम कर सकता है."
  • लहसुन (Garlic) में मौजूद तत्व संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकते हैं. यह अपने एंटीवायरल (Antiviral) और एंटीपैरासिटिक गुणों के लिए प्रसिद्ध है जो सर्दी और खांसी (Cold And Cough) के लक्षणों को कम करने में मददगार हो सकते हैं. अस्थमा के रोगियों (Asthma Patients) के लिए लहसुन का अधिक मात्रा में सेवन करना उचित नहीं है.


वजन घटाने के लिए अदरक-लहसुन की चाय | Ginger-Garlic Tea For Weight-Loss

  • अदरक आपके पाचन तंत्र (Digestive System) को ठीक रखने में काफी प्रभावी है. अदरक पेट के लिए फायदेमंद होता है. यह जठरांत्र संबंधी मार्ग के माध्यम से भोजन की गति को तेज करता है, सूजन और ऐंठन को कम करने में मदद कर सकता है और पाचन रस को बहने में भी बहुत उपयोगी है. एक अच्छा पाचन वजन घटाने (Weight Loss) के लिए महत्वपूर्ण है. 
  • लहसुन आपके पाचन के लिए चमत्कार भी कर सकता है और यह विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी उपयोगी है. लहसुन स्वाभाविक रूप से आपके चयापचय को संशोधित करने में मदद कर सकता है. इसे भूख-शमन करने वाला भी माना जाता है. जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन में लहसुन और फैट बर्न के बीच के संबंध में संकेत दिया गया है.
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अदरक-लहसुन की चाय कैसे बनाएं | How To Make Ginger-Garlic Tea

1. गर्म पानी की एक पॉट लें (लगभग एक कप पानी डालें). अब इसमें अदरक का एक छोटा हिस्सा डालें (सुनिश्चित करें कि यह छीला और धोया गया है).
2. फिर इसमें पीसी हुई लहसुन का 1 चम्मच मिलाएं; अब काली मिर्च का आधा चम्मच मिलाएं और इसे 5 मिनट के लिए पकाएं.
3. अब गैस से निकालें, कप में डालें, स्वाद के लिए शहद का आधा चम्मच मिलाएं और आनंद ले लहसुन-अदरक की चाय का!

Breakfast For Weight Loss: तेजी से वजन कैसे घटाएं? मोटापा घटाने के लिए नाश्ते में खाएं ये चीज, पढ़ें Easy Recipes

Breakfast For Weight Loss: तेजी से वजन कैसे घटाएं? मोटापा घटाने के लिए नाश्ते में खाएं ये चीज, पढ़ें Easy Recipes

Reduce Tummy Fat Fast: तेजी से वजन घटाना चाहते हैं, तो आपको वजन कम करने के लिए भोजन (Food To Lose Weight) पर खास ध्यान देना होगा. यह सलाह तो आपको हर कोई देता होगा. और आप खुद भी वजन कम (Weight Loss) करने के लिए डाइट प्लान (Diet Plan) करते होंगे.

Healthy Breakfast Ideas in Hindi: Recipes For Weight Loss | How can I lose weight fast | Oats uttapam Recipe | Reduce Tummy Fat Fast
Breakfast Ideas For Weight Loss:तेजी से वजन घटाना चाहते हैं, तो आपको वजन कम करने के लिए भोजन (Food To Lose Weight) पर खास ध्यान देना होगा. यह सलाह तो आपको हर कोई देता होगा. और आप खुद भी वजन कम (Weight Loss) करने के लिए डाइट प्लान (Diet Plan) करते होंगे. लेकिन तेजी से वजन घटाने (Rapid Weight Loss) की कई सलाहों के बाद भी जब आपको यह समझ ही नहीं आता कि डाइट प्लान या डाइट चार्ट (Diet Chart) में किसी चीज को शामिल किया जाए और किसे नहीं. अगर आप इस बात को लेकर दुविधा में रहते हैं कि वजन घटाने के लिए क्या खाएं (What To Eat For Weight Loss) और क्या नहीं, तो इसका जवाब आज हम आपको देते हैं. सबसे पहले तो यह समझ लें कि सुबह का नाश्ता (Breakfast) सबसे जरूरी चीज है. 


Recipes For Weight Loss:जब बात की जाए नाश्ते की तो यह समझ लेना जरूरी है कि मसालेदार नाश्ता उस हालात में आप नहीं ले सकते जब आप वजन कम करन के लिए भोजन (Food For Weight Loss) को संतुलित करना चाह रहें. ऐसे में आपको स्वस्थ नाश्ता (Healthy Breakfast) के विकल्प ही चुनने होते हैं. इस बात का भी खास ध्यान रखें कि आप कम तेल का नाश्ता अपनाएं. ऐसे नाश्ते को सबसे अच्छा नाश्ता माना जाता है जो मसालेदान न हो और पोषण से भरपूर हो. सूजी का नाश्ता (Semolina Breakfast) इसके लिए बेहतर माना जाता है. इसके साथ ही साथ अगर आप वजन कम (Weight Loss) करने के अपने लक्ष्य को जल्दी पाना चाहते हैं तो आपको सुबह का हेल्दी नाश्ता (Morning Healthy Breakfast) लेना होगा. लेकिन अगर आप इस बात को लेकर दुविधा में पड़ जाते हैं कि सुबह-सुबह ऐसा क्या बनाएं जो हेल्दी भी हो, सेहत को पुश भी दे और हां आपका वजन कम (Lose Weight) करने में भी मदद करे, तो चलिए इसमें हम आपकी मदद करते हैं. आज हम लाएं हैं एक ऐसी ही रेसिपी जो फटाफट तैयार होगी और स्वाद बढ़ाने के साथ ही वजन को कम करेगी... 



घर पर कैसे आसानी से बनाएं ओट्स उत्तपम | How To Make Oats Uttapam Recipe

उत्तपम एक फटाफट तैयार होने वाला नाश्ता है. उत्तपम को आप ब्रेकफास्ट लंच या ब्रंच टाइम में भी बनाकर खा सकते है. यह जितना खाने में स्वादिष्ट है उतना ही हेल्दी भी है तो इस बार सनडे नाश्ते में ओट्स उत्तपम की बेहतरीन रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. ओट्स उत्तपम बनाने के लिए सामग्री: उत्तपम बनाने में आपको मात्र 30 मिनट का समय लगेगा. ओट्स, सूजी, दही और जीरा जैसी चीज़ों की जरूरत होती है. इसके अलावा इसमें प्याज़, टमाटर और शिमला मिर्च भी डाली जाती है जो इसके स्वाद को और भी बढ़ा देते हैं. आप चाहे तो उत्तपम को हरी चटनी, कैचअप या फिर सांभर के साथ भी सर्व कर सकते हैं.



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ओट्स उत्तपम रेसिपी (Oats Uttapam Recipe)

ओट्स उत्तपम की सामग्री

- 1 कप ओट्स
- 1/2 कप सूजी
- एक चुटकी हींग
- 1 कप दही
- 1 टी स्पून जीरा
- 1/4 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर
- एक चुटकी खाने वाला सोडा
- (जरूरत के मुताबिक) पानी
- 1 प्याज़, बारीक कटा हुआ
- 1 टमाटर, टुकड़ों में कटा हुआ
- 1 मीडियम शिमला मिर्च
- 1/2 टी स्पून हरी मिर्च
- स्वादानुसार नमक
- 2 टी स्पून एक्ट्रा ​वर्जिन ऑलिव ऑयल
- 3/4 टी स्पून अदरक, बारीक कटा हुआ




ओट्स उत्तपम बनाने की वि​धि

1. ओट्स और सूजी को मिक्स में पीस लें और हींग डालें.
2. अब इसमें दही, जीरा, लाल मिर्च पाउडर, सोडा, अदरक और जरूरत के मुताबिक पानी डालकर गाढ़ा बैटर तैयार कर लें.
3. इस बैटर को 10 मिनट के लिए साइड में रख दें.
4. इसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और नमक डालें.
5. अच्छे से मिला लें.
6. नॉन स्टिक पैन को गर्म करके उस पर थोड़ा तेल लगाएं, अब थोड़ा सा बैटर डालें और उसे फैलाएं. जब यह गोल्डन ब्राउन हो जाएं तो उत्तपम को पलटकर दूसरी तरफ से भी पकाएं.
7. हरा धनिया डालकर गार्निश कर नारियल की चटनी के साथ सर्व करें.

क्‍यों आजकल हर कोई है कीटो डाइट का दीवाना, जानें क्‍या है ये

वजन कम करने वालों में आजकल एक शब्‍द बहुत चलन में है. वह है कीटो डाइट... हर कोई वजन कम करने के लिए आजकल कीटो डाइट की बात करता है.‍

ketogenic diet and its benefits for weightlifting
जल्द वजन घटाना है तो अपनाएं कीटो डाइट

वजन कम करने वालों में आजकल एक शब्‍द बहुत चलन में है. वह है कीटो डाइट... हर कोई वजन कम करने के लिए आजकल कीटो डाइट की बात करता है.‍ बॉलीवुड के सितारे भी इसे जमकर फॉलो करते नजर आए. इसके साथ ही कीटो से जुड़े कई भ्रांतियां भी शुरू हो गई. तो चलिए समझते हैं कि आखि‍र क्या है कीटो डाइट और कैसे काम करती है यह...

कीटो डाइट कम कार्बोहाइड्रेट की डाइट के तौर पर जानी जाती है. इस डाइट की मदद से शरीर ऊर्जा के उत्पादन के लिए लिवर में कीटोन उत्पन्न करता है. इस डाइट प्लान को कीटोजेनिक डाइट, लो कार्ब डाइट, फैट डाइट जैसे नामों से भी जाना जाता है. साधारण तौर पर जब आप ज्यादा कार्बोहाइड्रेट का खाना खाते हैं, तो आपका शरीर ग्लूकोज और इंसुलिन का उत्पादन करता है और चूंकि आपका शरीर ग्लूकोज को प्राथमिक ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करता है तो इसलिए आपके खाने में मौजूद फैट आपका शरीर संग्रहित कर लेता है.

वहीं दूसरी ओर कीटो डाइट में कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करके फैट से ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है. इस प्रक्रिया को कीटोसिस कहा जाता है. कीटो डाइट में फैट का सेवन ज़्यादा, प्रोटीन का मीडियम और कार्बोहाइड्रेट का कम सेवन किया जाता है. इस डाइट में लगभग 70 प्रतिशत फैट, 25 प्रतिशत प्रोटीन, और 5 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट होना चाहिए.
 


क्या खा सकते हैं कीटो डाइट में


आप अगर मांसाहारी हैं तो कीटो डाइट में मछली, मटन, चिकन और अंडे का सेवन कर सकते हैं. वहीं शाकाहारी लोगों को पत्तेदार साग जैसे पालक और मेथी का खूब सेवन करना चाहिए. वहीं ब्रोकली, फूलगोभी को भी अपने डाइट चार्ट में ज़रूर शामिल करना चाहिए. इसके अलावा फैट के लिए पनीर, उच्च वसायुक्त क्रीम और मक्खन का इस्तेमाल करना चाहिए. वहीं अखरोट, सूरजमुखी के बीच, नारियल तेल, उच्च वसा वाले सलाद का इस्तेमाल आपके लिए फायदेमंद होता है.

क्या न खाएं. 


कीटो डाइट में गेहूं, मक्का, चावल अनाज आदि को न खाने की सलाह दी जाती है. वहीं चीनी का इस्तेमाल भी बहुत कम मात्रा में करना चाहिए. फलों में सेब, केले और नारंगी का सेवन नहीं करना चाहिए. वहीं आलू और जिमीकंद का इस्तेमाल नहीं करने के लिए भी कहा जाता है.


कीटोजेनेकि डाइट के ये हैं फायदे
 


कीटोजेनिक डाइट मुख्य रूप से वजन घटाने में सबसे ज्यादा कारगर साबित होती है. इसमें आपका शरीर ऊर्जा के स्रोत के रूप में फैट का इस्तेमाल करता है. इस वजह से आपके शरीर का वजन घटता है. सोनाक्षी सिन्हा और अर्जुन कपूर जैसे सेलिब्रिटीज ने वजन घटाने के लिए कीटो डाइट का सहारा लिया.
 


मधुमेह में है फायदेमंद



कीटो डाइट में शुगर की मात्रा कम होने की वजह से ये मधुमेह में बेहद लाभकारी है और आपके शरीर के शुगर लेवर को नियंत्रित करके रखता है. शोध बताते हैं कि कम कैलोरी आहार की तुलता में मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए कीटोजेनिक आहार अधिक प्रभावी तरीका है
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Friday, April 10, 2020

उफ् ये कपल चेलेंज# लॉकडाउन

उफ् ये कपल चेलेंज#२१दिन२१ब्लोग्स(13)
आजकल फोटो चेलेंजेज़‌ का‌‌ तो जैसे सीज़न चल रहा है। हर दुसरे दिन एक नया फोटो चेलेंज। जैसे साड़ी चेलेंज, विदाउट मेकअप चेलेंज,स्पेक्स (चश्मा) चेलेंज और कपल फोटो चेलेंज जिसके पिछे मैं हाथ धोकर पड़ गई थी। इस दौड़-भाग वाले जीवन में घर पर रहना इतना आसान नहीं है सबके लिए पर बहुत जरूरी है। ऐसे में हर कोई खुद को और दुसरों को कहीं ना कहीं व्यस्त रखने की कोशिश ‌‌‌में है। और यह एक अच्छा तरीका है मनोरंजन की दृष्टि से भी और सकारात्मकता की दृष्टि से भी और वैसे भी हम औरतें हर छोटी-बड़ी चुनौतियों को दिल से पुरा करने की कोशिश में लगी रहतीं हैं। और इसी पर अमल करते हुए एक दोस्त ने मुझे टैग कर दिया। मेरे ‌‌‌‌‌लिए तो जैसे यह बहुत बड़ी चुनौती‌‌ हो गई थी। फोन के अंदर की हजारों तस्वीरों में से‌‌ एक को चुनना था। वैसे तो अधिकांश फोटो पतिदेव के साथ ही है पर उन सब में से एक को चुनना....। इतनी कशमकश?? किसी में बेकग्राउण्ड ठीक नहीं लग रहा था तो कोई फोटो साफ़ नहीं लग रहा था। किसी में मैं अच्छी नहीं लग रही थी तो किसी में पतिदेव। वास्तव में ऐसा ही था या मैं ही सब में कमियां ढूंढ रही थी ये पता नहीं। मैं काफी देर से इसमें लगी थी इसलिए स्वाभाविक है पति और बच्चे पुछेंगे ही। और आखिरकार बच्चों ने पूछ ही लिया "अरे मम्मी बस अब इतना क्यों सोच रही हैं आप... अब एक फोटो ही तो पोस्ट करना है, कर भी दो इतना सोचने वाली क्या बात है?" मैंने बच्चों को यह कह कर भेज दिया कि"तुम लोग जाओ मुझे मेरा काम करने दो। बेचारे बच्चे अपने काम में लग गए और मैं भी। ये एहसास तो था कि इतना कन्फ्युज़ होने वाली कोई बात नहीं है पर क्या करती, मैं फिर भी हो रही थी। आखिरकार मैं पतिदेव के पास गयी और उनसे कहा कि एक कपल फोटो लेना है उठो। वो लोग मेरी तरफ आश्चर्यचकित होकर देखने लगे और काफी देर तक देखते ही रहे। मैंने पूछा क्या हुआ? ऐसे क्यों देख रहे हो सब? पतिदेव ने हंसते हुए कहा "इतनी देर तो शादी से पहले हमें एक-दूसरे को चुनने में भी नहीं लगी थी जितनी तुम्हें एक फोटो चुनने में लग रही है।" बच्चे भी चुपके-चुपके हंस रहे थे।

पतिदेव बोले‌ जब इंसान अंदर से खुश हो तो वो फोटो में अच्छा ही लगता है। और हम दोनों बहुत खुश हैं इसमें तुम्हें कोई शक है क्या?"अरे नहीं शक कैसे हो सकता है इसकी तो कोई गुंजाइश ही नहीं है।" बस तो फिर एक फोटो पोस्ट कर दो, हमारी साथ वाली हर फोटो खूबसूरत ही होती है।मैं समझ गई थी कि यह सिर्फ एक टास्क है जो हमारे खाली समय को भरने में हमारी मदद कर रहा है। असल में जब दिल का सुकुन चेहरे पर झलकता है ना तो हर तस्वीर को सुंदर बना देता है।

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सास बहू और लॉकडाउन

सास बहू और लॉकडाउन #21दिन21ब्लॉग
कोरोना वायरस के प्रभाव को रोकने के लिए पूरे देश में लॉक डाउन हो गया| रोमिल को भी वर्क फ्रॉम होम के लिए बोल दिया गया| वह एक मल्टीनेशनल कम्पनी में काम करता था| ऑफिस में सभी को राहत मिली कि चलो इस बहाने ही सही अपने परिवार वालों के साथ वक्त बिताने को तो मिलेगा| पर रोमिल के दिमाग में कुछ अलग ही चल रहा था| वो ये सोच-सोचकर परेशान हो रहा था कि इतने दिन घर में कैसे बिताएगा?कैसे अपनी माँ और पत्नी को झेलेगा? सैटरडे संडे बड़ी मुश्किल से घर में कटता है, तो 21 दिन कैसे कटेंगे?

घर आकर उसने जब बताया, कि कल से वह ऑफिस नहीं जाएगा घर से ही काम करेगा, तो माँ और पत्नी दोनों खुश हो गईं|
रोमिल रोज की भाँति सुबह जल्दी तैयार हो गया| माँ और पत्नी दोनों को हिदायत देते हुए बोला-" देखो मेरी मीटिंग है, इसलिए आप दोनों कृप्या लड़ाई झगड़ा न करके शांति बनाए रखना|
रोमिल की बात सुनकर रमा और नेहा दोनों भड़क गईं और बोलीं-"हम क्या पागल हैं?जो बिना बात के झगड़ा करेंगे|
"भरोसा नहीं हैं ना, कब दोनों की बुद्धि सटक जाए" कहकर रोमिल लैपटॉप लेकर अपने रूम में चला गया और दरवाजा बंद कर लिया|
दोपहर के 1 बज रहे थे, रमा रोमिल के कमरे में आई और धीरे से बोली-"आजा बेटा, खाना खा ले| " "हाँ, माँ बस 5 मिनिट में आ रहा हूँ| " रोमिल खाना खाकर जैसे ही उठा, तभी नेहा चुटकी लेती हुए बोली-"पतिदेव सुबह से अभी तक आपको हमारे झगड़े की आवाज आई क्या| " रोमिल खुश होकर बोला-" वेरी गुड,कीप इट अप"|
रोमिल ऑफिस के काम में व्यस्त हो गया| रमा और नेहा ड्राइंग रूम में बैठकर टी वी में सीरियल देखने लगीं|
"बहू, देख पार्वती को (सीरियल की नायिका) पति के ऑफिस से आते ही सर दर्द का बहाना लेकर बैठ गई है, ताकि चाय न बनानी पड़े"
नेहा को लगा रमा उसे ताना मार रही है, तो वो भी तंज कसते हुए बोली-"और माँ, सास भी देखो कितनी नौटंकी बाज है, बेटे से कह रही है मुझे बहुत कमजोरी महसूस हो रही है उठा नहीं जा रहा| बेटे के आने से पहले कैसे दबा के फल खा रही थी|
संयोग से रमा भी सीरियल देखते-देखते सेव खा रही थी, उसे भी लगा कि नेहा उसे ताना मार रही है| गुस्सा होते हुए बोली-"हाँ, खा रहीं हूँ बोल| अपने बेटे की कमाई का खा रहीं हूँ, तेरे पियर से तो नहीं आए है ना|
"माँ आप मुझको क्यूँ सुना रहीं हैं, मैंने आपके लिए थोड़ी बोला है| वो तो सीरियल वाली|
"हाँ हाँ मैं सब जानती हूँ, आजकल की लड़कियों कों| कहती किसी और को हैं और सुनाती सास को हैं " अब नेहा कब रुकने वाली थी| चिढ़ाते हुए बोली" आ हा हा| | आप तो जैसे बड़ी भोली हैंं न| क्या कह रहीं थीं ?पार्वती सर दर्द का नाटक कर रही है| कल आपको चाय बनानी पड़ी थी, इसलिए आप मुझे सुना रहीं हैं ना| " बस दोनों का झगड़ा शुरू हो गया और जोर-जोर सेे चिल्लाने लगीं| शोर सुनकर रोमिल बाहर आ गया और ताली बजाते हुए बोला-" वाह वाह, सुबह तो बड़ी शान से कह र
हीं थीं| | | कि हम पागल थोड़ी हैं, जो बिना बात के झगड़ेें| तो कृृपया आप दोनों बताएंंगी की इस पागलपन की| | आई मीन| | इस झगड़े की क्या वजह है?" रमा और नेहा चुप हो गईं और एक दूसरे का मुँह देखने लगीं| "नहीं हैं ना, मेरी बात का आप दोनों के पास जवाब| क्योंकि आप दोनों को शांति से रहना आता ही नहीं है| लड़ने का कोई न कोई बहाना दोनों 'सास बहू' ढूँढ ही लेती हो| आप दोनों का कुछ नहीं हो सकता| "अगर आप दोनों ने झगड़ना बंद नहीं किया, तो मैं तो कल से ऑफिस चला जाऊंगा, चाहे पुलिस के डंडे ही क्यों न खाने पड़े" रोमिल ने अपना आखिरी दांव खेला|
नेहा डर गई और बोलीं-"नहीं नहीं अब हम नहीं लड़ेंगे, आप घर पर ही रहो| बाहर जाने से बीमारी का खतरा है|
रमा भी उसकी हाँ में हाँ मिलाते हुए बोली "हाँ बेटा, बहू सही कह रही है| हमें लड़ाई से ज्यादा तेरी जान प्यारी है| मेरी कसम है तुझे, तू कहीं नहीं जाएगा बस घर में रहेगा|
रोमिल का तीर निशाने पर लगा, वह मन ही मन मुस्कुराने लगा| | 'चलो ये संकट तो टल गया| अब कोरोना का भी टल जाएगा"|
आपको मेरी कहानी कैसी लगी कमेंट करके अवश्य बताएं|





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"बहू बेटी नहीं बन सकती"

बहू बेटी नहीं बन सकती

काव्या सो रही थी कि अचानक मेन गेट खुलने की आवाज से उसकी नींद खुली| मोबाइल में टाइम देखा तो सुबह के 4 बजे थे| इस समय तो उसके पति विनय के नाइट शिफ्ट से आने का टाइम होता है| यह सोच वो जैसे ही उठी तभी उसके कानों में उसके ससुर की आवाज पड़ी जो विनय से कह रहे थे "काव्या हमारी दिल से सेवा नहीं करती, सारा दिन अपने कमरे में घुसी रहती है| खाना तो बना कर दे देती है, पर मुझे लगता है वो दिल से यह सब नहीं करती"

उसकी सास ने भी उनकी हां में हां मिलाई| विनय चुपचाप उनकी बातें सुनता रहा| यह देख कर काव्या बाहर ना निकल चुपचाप लेट गई| लेकिन अंदर ही अंदर वह बहुत दुखी हो गई क्योंकि उसके सास ससुर खुद तो कोई काम करते नहीं थे बल्कि उसके 1 साल के बच्चे का भी ध्यान नहीं रखते थे| इसलिए काव्या को घर का काम करने के साथ-साथ बच्चे को भी देखना पड़ता था| उसके सास ससुर आगे पीछे तो उसकी बुराई करते ही थे कभी अपनी बेटियों के साथ, कभी आस पड़ोस में, लेकिन काव्य को आज बहुत अजीब लगा कि सुबह 4 बजे तो कहते हैं अमृतवेला होता है उसमें पूजा पाठ की जाती है ना की चुगली लगाना| कैसे लोग हैं ये बेटा ऑफिस से थका हुआ आया है और ये आते ही बहू की चुगलियां करना शुरू हो गए| जैसे दिन तो निकालना ही नहीं है| काव्या को भी उनसे परेशानी होती लेकिन वो समय देख कर विनय से बात करती ना की इस तरह| यह सब सोचते सोचते काव्या को नींद आ गई|

ऐसा नहीं था कि विनय को अपने मां-बाप की सच्चाई पता नहीं थी पर चाहकर भी वो उनकी सोच नहीं बदल पा रहा था| ना तो वह मां-बाप को छोड़ सकता था ना ही काव्या और अपने बच्चे को| 2 साल में उसके मां बाप ने काव्या का जीना मुश्किल कर दिया| पल-पल उसे एहसास दिलाया जाता कि वह उनकी बेटियों के जैसे उनकी सेवा नहीं करती| काव्या अपनी तरफ से पूरी कोशिश करती लेकिन वह यह बात समझने को तैयार ही नहीं थे कि बेटी बेटी होती है और बहू बहू| ना जाने उन्होंने अपनी आंखों पर कैसी पट्टी बांध रखी थी जो उन्हें काव्या का नेक दिल दिखाई नहीं देता था| बात बात पर वो काव्या को तो उल्टा सीधा कहते ही थे पर एक दिन उसके ससुर ने काव्या के मां बाप के बारे में उल्टा सीधा बोलना शुरु कर दिया| काव्या यह बात सहन ना कर सकी और उसने सामने आकर उन्हें जवाब दे दिया कि मेरे बारे में आपने अब तक जो कुछ कहा मैंने सहन किया लेकिन मेरे मां बाप के बारे में कुछ कहा तो यह बात मैं बिल्कुल सहन नहीं करूंगी| इतना सुनना था कि काव्या के ससुर उसे थप्पड़ मारने दौड़े लेकिन विनय ने बीच-बचाव कर उन्हें रोका| यह सब देख काव्या ने तुरंत ही विनय को अपना फैसला सुना दिया कि वो अब इस घर में एक पल भी नहीं रह सकती| जिस घर में उसकी व उसके मां बाप की इज्जत ना हो और आज उस पर हाथ उठाने की कोशिश की गई कल को तो ये लोग उसके साथ कुछ भी कर सकते हैं| मैं 2 साल से घुट घुट कर जी रही थी इसी आशा में कि शायद एक दिन ये लोग बदल जाएंगे| लेकिन मैं गलत थी ये लोग कभी नहीं बदल सकते| 

 ये सब सुन विनय धर्म संकट में पड़ गया एक तरफ मां-बाप थे तो दूसरी तरफ पत्नी और बच्चा| लेकिन उसने यह भी देखा था कि उसकी पत्नी का इतना कसूर नहीं है जितना उसे कसूरवार ठहराया जाता है| इसलिए उसने ना चाहते हुए अपने मां-बाप का घर छोड़ दिया और अपनी पत्नी और बच्चे को लेकर दूसरी जगह जाकर रहने लगा| धीरे-धीरे उनके रिश्ते थोड़े सामान्य होने लगे तो एक दूसरे से मिलने आने जाने लगे| लेकिन काव्य ने फिर यही महसूस किया जब भी उसके सास ससुर आते थे तो वे विनय को किसी ना किसी बात में भड़का देते थे| धीरे-धीरे करके विनय भी उनकी बातों में आने लगा और काव्या के साथ झगड़ने लगा| एक बार विनय के मां बाप ने उसे काव्या की छोटी सी बात को लेकर बहुत बड़ा झगड़ा करवा दिया कि विनय अपना आपा खो बैठा और उसने काव्या को बहुत बुरा भला कहा व काव्या के भाई को फोन करके काव्या की शिकायतें कर डाली| थोड़ी देर बाद काव्या के पापा का काव्या के पास फोन आया कि तुम्हारा भाई तुम्हें लेने आ रहा है तुम हमारे पास आ जाओ| हम अभी जिंदा हैं हमारे होते हुए तुम्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है| सुनकर काव्या को तसल्ली हुई| लेकिन उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें उसे यह लग रहा था कि आज अगर वो अपने भाई के साथ चली गई तो हो सकता पीछे से यह लोग विनय को इतना भड़का दें कि वो उससे तलाक ही ना ले ले| वह नहीं चाहती थी कि उसके बच्चे को उसके पिता कि प्यार के बिना रहना पड़े और वह विनय को भी अच्छी तरह जानते थी वो बहुत ही अच्छा इंसान था लेकिन अपने मां-बाप की बातों में आकर उसने इस तरह से व्यवहार किया| वह जानती थी कि आज मां-बाप है जिंदा हैं लेकिन कल को कौन उसका साथ देगा| भाई भाभी अपनी दुनिया में मगन होंगे| वह उन पर बोझ ही बन जाएगी| काफी सोच विचार कर उसने फैसला किया और सबसे पहले तो अपने पिता को फोन किया कि वह आज नहीं आ रही| एक-दो दिन में वह बताएगी कि वह आ रही है या नहीं| इस बीच उसने विनय को अकेले में बात करने के लिए घर के बाहर बुलाया और उसने उसे कोफ साफ कह दिया कि वह इस घुटन भरी जिंदगी में ओर नहीं रह सकती| वह चाहे तो उसे उसके मायके छोड़ दें हमेशा हमेशा के लिए| दोबारा उसे कभी ना मिले| वह अकेली ही अपने बच्चे को पाल लेगी| उसने विनय को कहा कि उसके पापा ने उसे घर बुलाया है पर वो पहले उससे सलाह करना चाहती थी| आज बात आर या पार की है| 

यह सब सुन विनय बहुत घबरा गया अपने किए पर बहुत ही शर्मिंदा हुआ| उसने उसी समय काव्या से माफी मांग ली| काव्या ने भी उसे सारी बात बता दी कि कैसे विनय के मां बाप उसके साथ फिर से पहले जैसा बुरा बर्ताव करने लग गए हैं| लेकिन वह उसके सामने जताते हैं कि वह काव्या के साथ अच्छा व्यवहार करते हैं| तब विनय ने काव्या को कहा कि मुझे एक मौका ओर दो, मैं अब तुम्हारी जिंदगी में कोई परेशानी नहीं आने दूंगा| हर कदम, हर पल तुम्हारा साथ दूंगा| काव्या की सहमति मिलने के बाद वह घर लौट आए| घर आकर विनय ने अपने मां बाप को बुलाया और अपने सामने बैठा कर बात की| काव्या की तरफ इशारा करके उसने बोला, "पापा यह मेरी धर्मपत्नी है| जब से मैंने इससे शादी की है तब से इसके प्रति मेरे भी कुछ कर्तव्य हैं| और मैं अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटना चाहता, मैं जीवन भर इसका साथ निभाऊंगा| अब तो हम लोग अलग-अलग रहते हैं तो फिर ये कलेश क्यों? पापा जिस तरह आपको अपनी पत्नी की परवाह है वैसे ही मुझे भी आपनी पत्नी की परवाह है, और करनी भी चाहिए| मेरी आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि आप मेरी गृहस्थी में दखल ना दें| काव्या चाहे कितनी भी दिल से सेवा कर ले वो आपकी बेटी नहीं बन सकती ये बात आप भी अच्छी तरह से समझ लीजिए| आप अपने घर खुश रहिए हमें अपने घर खुश रहने दीजिए| आगे से आपको यहां आने की जरूरत नहीं है| मुझे जब आपसे मिलना होगा तो मैं मिलने आ जाऊंगा| मैं नहीं चाहता कि मेरी पत्नी की वजह से आपको या आपकी वजह से उसे कोई तकलीफ हो|

विनय की बातें सुनकर उसके मां बाप अपना सा मुंह लेकर रह गए|

धन्यवाद







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